कोटद्वार । उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश के निर्देशानुसार कोटद्वार जिला कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विनोद डबराल एवं महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष रश्मि पटवाल के नेतृत्व में बहुचर्चित अंकिता हत्याकांड की सुनुवाई के दौरान नए खुलासों के बाद सम्बन्धित के खिलाफ भी कार्यवाही करने विषयक ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति को उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि अंकिता भंडारी के माता- पिता ने अदालत में गवाहों के बयानात के आधार पर आरोप लगाया है कि अंकिता की हत्या के बाद उसके कमरे में सुबूत मिटाने के उद्देश्य से भाजपा विधायक रेणु बिष्ट ने आदेश देकर अपनी उपस्थिति में जेसीबी मशीन से कमरे को तुड़वाया, जोकि बहुत ही निंदनीय और शर्मनाक है।
यह भी सर्वविदित है कि अंकिता हत्याकांड का मुख्यारोपी अंतरा रिसोर्ट का मालिक पुलकित आर्य भाजपा सरकार में पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री विनोद आर्य का पुत्र है और इसी प्रभाव के चलते वीआईपी आरएसएस नेता को सेवा देने के लिए अंकिता भंडारी पर दवाब बनाया जा रहा था जो कि जघन्य हत्या का कारण सम्भवत: बना, और आज तक भी भाजपा सरकार वीआईपी का नाम उजागर करने में कतरा रही है। साथ ही आज भाजपा सरकार महिलाओं पर अत्याचार रोकने में पूरी तरह असफल साबित हुई है । उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की गई कि अंकिता के असहाय बृद्ध माता पिता को न्याय देने के लिए उत्तराखंड सरकार को आवश्यक निर्देश देने की कृपा करें । ज्ञापन प्रेषित करने वालों में बलबीर सिंह रावत, दिलबर प्रताप सिंह, रमेश चंद्र खंतवाल, प्रवेश रावत, धर्मपाल बिष्ट, सतेंद्र सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह गुसाईं, प्रदीप नेगी, संदीप रावत, चंद्रमोहन सिंह रावत, अमितराज सिंह, जावेद, मो0 अनस, नितिन सिंह, फरहान आदि कांग्रेसी शामिल थे।

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