कोटद्वार : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी की अदालत ने पति की हत्या के लिए पत्नी और उसके देवर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र सिंह रावत ने बताया कि 26 जुलाई 2022 को काशीरामपुर निवासी मृतक रिंकू कुमार के पिता दयाराम ने रिंकू की पत्नी दीक्षा और अपने छोटे पुत्र ओमकुमार पर रिंकू की हत्या का आरोप लगाते हुए कोटद्वार कोतवाली में तहरीर दी थी। इसके आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया था। हत्या के आरोपी ओमकुमार को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ में पता चला कि करीब ढाई माह से ओमकुमार और दीक्षा के बीच अवैध संबंध बन गए थे, जिसके बाद दीक्षा और रिंकू में विवाद बढ़ने लगा और दीक्षा अपने मायके चली गई।
दीक्षा जब मायके से वापस आई तो उसका रिंकू से फिर झगड़ा हुआ। झगड़े के दौरान रिंकू ने ओमकुमार को लात मारी, लेकिन ओमकुमार ने उसका पैर पकड़ लिया। इस दौरान रिंकू जमीन पर गिर गया और बेहोश हो गया। इसके बाद दीक्षा ने बेहोश रिंकू के मुंह पर तकिया रखकर उसकी हत्या कर दी थी। जिस मामले में कल सजा सुनाई गई है।

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