टिहरी : गंगा नदी और इसकी सहायक नदियों में प्रतिमाओं का विसर्जन और पूजा सामग्री, फूल-माला, दीया सहित अन्य सामग्री प्रवाहित करना प्रतिबन्धित है, उल्लंघन करने पर पर्यावरण हर्जाने के तौर पर देना होगा निर्धारित जुर्माना।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला गंगा समिति की बैठक आहूत की गई। जिलाधिकारी ने गंगा स्वच्छता को लेकर विभिन्न विभागों द्वारा किये जा रहे कार्यों की जानकारी लेते हुए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का नियमित संचालन एवं मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक माह कार्रवाई रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा। गंगा को प्रदूषण मुक्त रखने हेतु नगर निकायों के अधिकारियों नियमित नदी की सतह की सफाई करने, घाटों पर ठोस अपशिष्ठ को एकत्रित कर निपटान करने, गंदगी पर रोक लगाये जाने हेतु घाटों पर सूचना बोर्ड लगाने तथा गंदगी करने वालों के खिलाफ उचित कार्यवाही करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने नेचुरल फार्मिंग ट्रैनिंग, बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अतिक्रमण को लेकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकरियों को दिये गये। इसके साथ ही हेंवल नदी में पूर्व में किये गये कार्यों का निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में सीएओ विजय देवराड़ी, अधिशासी अभियन्ता सिंचाई अनूप डियूंडी, अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान प्रशान्त भारद्वाज, डीटीडीओ एस.एस. राणा, एसडीओ वन विभाग रश्मि ध्यानी, डीपीओ जिला गंगा समिति अरूण उनियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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