कोटद्वार । शैल शिल्पी विकास संगठन की ओर से रविवार को गढ़वाल के प्रथम सांसद एवं यूपी सरकार में लंबे समय तक मंत्री रहे स्व. बलदेव सिंह आर्य की 32वीं पुण्यतिथि पर नगर पालिका दुगड्डा स्थित बलदेव सिंह आर्य स्मृति उद्यान में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास आर्य ने कहा कि स्व. बलदेव सिंह आर्य सही अर्थों में बीसवीं सदी के नायक थे। वे मात्र 18 वर्ष की उम्र में स्वतंत्रता संग्राम में कूद गए थे। वहीं उन्होंने समाज के वंचित वर्गों की आवाज बनकर उन्हें उनके मानवीय अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया।
उन्होंने डोला पालकी आंदोलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। साथ ही आजादी से पूर्व ही शिल्पकारों के बच्चों की शिक्षा-दीक्षा के लिए गढ़वाल में 17 विद्यालय खुलवाए ।मात्र 38 वर्ष की अवस्था में प्रथम प्रोविजनल संसद में पहुंचकर गढ़वाल के प्रथम सासंद के रूप में शपथ ली और गढ़वाल के विकास की आधारशिला रखी। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में इस क्रांतिकारी समाज सुधारक को सरकारें भुला चुकी हैं। उनके नाम से न तो कोई सरकारी योजना चल रही है और न ही उनके नाम पर किसी महाविद्यालय का नामकरण हुआ। मौके पर वक्ताओं ने दुगड्डा स्थित स्वास्थ्य केंद्र और भाबर स्थित राजकीय महाविद्यालय का नामकरण उनके नाम पर करने की मांग की।

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