देहरादून। मां शब्द दुनिया के सबसे पवित्र और भावनात्मक रिश्तों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि एक मां अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए यमराज से भी लड़ सकती है। लेकिन, देवभूमि उत्तराखंड में हाल के दिनों में कुछ ऐसे दिल दहलाने वाले मामले सामने आए हैं, जहां ‘मां’ ही संतान के लिए यमराज बन गई।
मौत के घाट उतार दिया
ताजा मामला देहरादून जिले के विकासनगर स्थित सहसपुर थाना क्षेत्र के धर्मावाला से सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी सात माह की मासूम बच्ची को पानी की टंकी में डुबोकर मौत के घाट उतार दिया। बच्ची बीमार थी और महिला मानसिक अवसाद से गुजर रही थी, जिसके चलते उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
पति की तहरीर पर दर्ज हुआ हत्या का मुकदमा
घटना के बाद पुलिस ने आरोपी महिला सादिया को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को यह जानकारी महिला के पति मुंतजिर ने दी, जिसकी तहरीर पर महिला के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। सहसपुर थानाध्यक्ष शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपी महिला को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
हरिद्वार में भी सामने आ चुका है ऐसा ही मामला
इससे पहले, हरिद्वार में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जहां एक मां ने अपनी जुड़वां बच्चियों की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी थी क्योंकि वे बहुत रोती थीं। इन घटनाओं ने देवभूमि में मां और संतान के पवित्र रिश्ते को झकझोर कर रख दिया है।
मानसिक स्वास्थ्य पर उठ रहे गंभीर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि मांओं में प्रसव के बाद मानसिक अवसाद (Postpartum Depression) एक बड़ी समस्या बनकर उभर रहा है, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यदि समय पर इस ओर ध्यान न दिया जाए, तो इसका परिणाम बेहद भयावह हो सकता है।
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन यह घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है—क्या समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की सख्त जरूरत नहीं है?

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