हरिद्वार : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में अवैध धार्मिक स्थलों पर चल रहे अभियान के तहत, हरिद्वार के हरिलोक कॉलोनी में सिंचाई विभाग की जमीन पर बनी एक अवैध मजार को शनिवार को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया गया था, जिसकी समयसीमा खत्म होते ही बुलडोजर चला दिया गया। अभियान के दौरान भारी पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी भी संभावित तनाव को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। एसडीएम अजय वीर सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
अवैध निर्माणों पर सख्त रवैया
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी धर्म विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की नीति के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे ढांचे, चाहे जिस भी समुदाय से हों, बख्शे नहीं जाएंगे। प्रशासन ने जनता से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि अगले चरणों में अन्य अवैध संरचनाओं पर भी कार्रवाई होगी।
मदरसे सील, मजारें ढहाई
एसडीएम अजय वीर सिंह के अनुसार, हरिद्वार जिले में अब तक 12 से अधिक अवैध मजारें ध्वस्त की जा चुकी हैं, जबकि 10 अवैध मदरसों को सील किया गया है। इससे पहले, 27 मार्च को हरिद्वार के सुमन नगर क्षेत्र में भी एक मजार पर बुलडोजर चलाया गया था।
राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में करीब 500 अवैध मदरसे सक्रिय हैं। अब तक 136 मदरसे पूरे प्रदेश में सील किए जा चुके हैं।
सख्ती के संकेत
सरकार के इस कदम को जहां कानून व्यवस्था और भूमि संरक्षण के नजरिए से देखा जा रहा है, वहीं कुछ हलकों में धार्मिक भावनाओं को लेकर चर्चा भी चल रही है। प्रशासन फिलहाल अपनी स्थिति पर कायम है – अवैध कब्जा, चाहे जो भी हो, अब नहीं चलेगा।

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