- CO GRP स्वप्निल मुयाल द्वारा विवेचकों का लिया गया O.R
- सुस्त रवैये पर कुछ विवेचकों को लगाई डांट जबकि बेहतर काम करने पर कुछ को दी शाबाशी
- हीनियस क्राइम पर फॉरेंसिक टीम द्वारा ही साइंटिफिक तरीके से साक्ष्यों के संकलन पर दिया जोर
- प्रत्येक गिरफ्तार अभियुक्त का डिजिटल डाटा ‘NAFIS’ लेने पर दिया जोर
- NBW व अज्ञात शवों पर हो गंभीरतापूर्वक कार्यवाही
- कार्मिकों के सम्मेलन में पूछी समस्याएं, बेहतर कार्य करने हेतु जवानों में भरा जोश
देहरादून : CO GRP स्वप्निल मुयाल द्वारा 30 जुलाई 2025 को थाना जीआरपी देहरादून पर थाने के विवेचकों का O.R लिया गया। CO GRP स्वप्निल मुयाल द्वारा नया कानून लागू होने पर तद्नुरूप डिजिटल साक्ष्यों को सही तरीके से विवेचना में शामिल न करने पर कई विवेचकों को लताड़ लगाई एवं मौके पर जाकर इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस लेते हुए कार्रवाई करने वाले विवेचकों को शाबाशी दी।
सीओ जीआरपी द्वारा प्रत्येक गिरफ्तार किए जाने वाले अभियुक्त का डिजिटल डाटा “NAFIS” एकत्रीकरण पर जोर देते हुए नए कानून के हिसाब से विवेचना में डिजिटल साक्ष्यों के महत्व पर जोर दिया। सभी विवेचकों से कहा गया कि हीनियस क्राइम पर प्रत्येक दशा में फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम को मौके पर बुलाया जाएगा इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त सीओ जीआरपी स्वप्निल मुयाल द्वारा 1 महीने से अधिक पेंडिंग विवेचना के बारे में जानकारी लेते हुए, गुण दोष के आधार पर निस्तारित करने, शत प्रतिशत NBW व पंचायतनामा आदि के निस्तारण व अज्ञात शवों की शिनाख्त की कार्यवाही को गंभीरतापूर्वक किए जाने हेतु उपस्थित सभी विवेचकों को निर्देशित किया गया।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अशोक कुमार को सभी महत्वपूर्ण ट्रेनों में समय से एस्कॉर्ट ड्यूटी भेजे जाने हेतु निर्देशित किया गया एवं महिला हेल्प डेस्क को शालीनता के साथ व्यवहार करते हुए चुस्त दुरुस्त रखने हेतु कहा गया साथ ही वादी की शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुने जाने एवं नियमानुसार उनका निस्तारण करने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके उपरांत थाने के कर्मचारीगण का सम्मेलन लिया गया। कुछ कर्मचारियों की छोटी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया एवं कोई समस्या होने पर कार्य दिवस में ऑफिस आने हेतु कहा। उत्तराखंड को पर्यटन के रूप में एक महत्वपूर्ण राज्य बताते हुए यात्रियों की सुरक्षा के संबंध में भी सभी को आने वाले यात्रियों के साथ सद्व्यवहार व अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए जवानों में जोश भरा।


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