गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के थराली में शुक्रवार की मध्य रात्रि को बादल फटने से आपदा का कहर टूट पड़ा। इसके चलते दो लोग मलबे में जिंदा दफन हो गए। आपदा में थराली, सगवाड़ा, राडीबगड़ तथा चेंपडों में मलबा घुसने से भारी नुकसान पहुंचा है। आपदा प्रभावितों को राहत शिविरों में शरण दे दी गई है। इस घटना से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है। प्रशासन ने मौसम विभाग के अलर्ट के चलते शनिवार को थराली, नारायणबगड तथा देवाल ब्लाकों में स्थित विद्यालयों को बंद रखा।
बीती रात थराली तहसील मुख्यालय क्षेत्र में आपदा का कहर टूट पड़ा। बादल फटने से टुंडरी गदेरे में आए जलजले के कारण राड़ीबगड़ इलाके को भारी नुकसान पहुंचा है। इसी तरह चेपड़ों गदेरे ने भी विकराल रूप धारण किया। इसके चलते मलवा मकानों में घुस गया। सगवाड़ा गांव में आपदा का कहर टूट पड़ने से नरेंद्र सिंह बिष्ट की 20 वर्षीय युवती मलवे में जिंदा दफन हो गई। शनिवार को स्थानीय लोगों ने मलवे से शव ढूंढ निकाला। एक अन्य घटना में चेपडों में आई बाढ के कारण गंगादत्त जोशी भी मलवे में समा गए। उनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। इस आपदा में चेपडों के शंभूप्रसाद जोशी तथा कैलाश जोशी जख्मी हो गए थे। दोनों को हेलीकाप्टर से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि कोटडीप में अधिवक्ता जयसिंह नेगी का मकान मलवे की जद में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। कोटडीप में ही महावीर सिंह रावत का मकान भी ध्वस्त हो गया है। कुंदन सिंह तथा गंगा सिंह के मकान के पीछे मलवा आने के कारण मकान खतरे की जद में आ गए है। बलवीर सिंह रावत के मकान के भी आपदा की जद में आने के कारण क्षतिग्रस्त होने से अब परिवार के सामने संकट खडा हो गया है। खीमानंद के मकान पर जल संस्थान का दफ्तर चल रहा है था वह भी आपदा की जद में आने के कारण ध्वस्त हो गया है। इस आपदा में कई वाहन मलवे दब गए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही रात को ही पुलिस की टीम आपदा ग्रस्त क्षेत्र में पहुंची और रेस्क्यू आपरेशन में जुटी। सूचना पर राहत और बचाव कार्य के लिए एसडीआरएफ, पुलिस टीम, राजस्व टीम ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू आपरेशन का मोर्चा संभाला। एसडीएम पंकज भट्ट भी रात से ही पुलिस कर्मियों संग राहत और बचाव कार्य में जुट गए थे। जिलाधिकारी संदीप तिवारी तथा पुलिस क्षेत्राधिकारी अमित सैनी भी सुबह मौके पर पहुंच कर प्रभावित क्षेत्र जायजा लेने जुट गए। बताया कि रात करीब 12.48 बजे के आसपास बादल फटने की घटना हुई। इससे पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई। आपदा के कारण निजी तथा सरकारी परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। डीएम ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी मौके पर पहुंच कर स्वास्थ्य परीक्षण में जुटी है। प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराने के लिए राहत शिविर स्थापित किए है। प्रभावित को राहत शिविरों में शरण दी जा रही है। आपदा के चलते सड़क तथा पैदल मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए। सड़कों को खोलने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास चल रहे है।
थराली में प्रकृति का कहर टूट पड़ने से थराली बाजार, कोटडीप, राड़ीबगड़ तथा तहसील थराली परिसर मे भवनों तथा घरों में भारी मलवा घुस आया है। इस आपदा में कई वाहन मलवे में दबे पड़े है। चेपड़ों बाजार मे कुछ दुकान मलबे के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। इस आपदा में एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। बादल फटने से भारी बारिश के चलते थराली-ग्वालदम मार्ग बंद पड़ गया है। मींगगदेरे में भी मलवा आने से सड़क मार्ग अवरूद्ध हो गया था। सड़क को यातायात के लिए सुचारू कर दिया गया है।

सड़कों पर टूटा आपदा का कहर
गोपेश्वर।
थराली में आई आपदा के कारण थराली-देवाल-मुदोंली मोटर, ग्वालदम-नंदकेशरी, नंदकेशरी-जौला, देवाल-खेता, मींगगदेरा-गडकोट, डुंग्री-रतगांव, चिडिंगा-खंपाधार, थराली-कुराड, थराली-जुनीधार, जुनीधार-पार्था सड़क मार्गों के के अवरूद्ध होने से आवाजाही ठप पड़ गई है। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सड़क मार्गों को खोलने की कवायद शुरू हो गई किंतु अभी सभी मार्गों को खोलना किसी चुनौती से कम नहीं है। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें काम जुट गई है। स्ट्रेचर और अन्य आवश्यक वस्तुएं भी प्रभावित क्षेत्र में तैनात कर दी गई है।
स्वास्थ्य टीम अलर्ट मोड पर
गोपेश्वर।
आपदा प्रभावित थराली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तैनात कर दी गई है। टीम प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने में जुटी है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि थराली आपदा में राहत के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर तैनात कर दी गई है। उन्होंने कहा कि सीएचसी थराली में 4 चिकित्साधिकारी, 6 स्टाफ नर्स, 1 फार्मासिस्ट, 1 ड्राइवर मय एम्बुलेंस समेत जीवन रक्षक औषधियों के साथ अलर्ट मोड पर है। देवाल से एक चिकित्साधिकारी को थराली में तैनात कर दिया गया है।
प्रभावित क्षेत्र में अधिकारियों की तैनाती
गोपेश्वर।
थराली में आपदा और राहत कार्यों के लिए अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने बीती रात हुई अतिवृष्टि के कारण नगर पंचायत थराली के राडीबगड़ में तहसील कार्यालय, तहसील के आवासीय परिसर, कोटडीप, थराली बाजार, चेपडों तथा सगवाड़ा में भवनों के क्षतिग्रस्त होने तथा मलवा आने के चलते प्रभावित व्यक्तियों के लिए राहत उपलब्ध कराने के लिए खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सिंचाई के अधिशासी अभियंता, लोनिवि के अधिशासी अभियंता, जल संस्थान के सहायक अभियंता तथा यूपीसीएल के कनिष्ठ अभियंता को प्रभावित क्षेत्र में तैनात कर दिया है।
टुंडरी गदेरे ने मचाई थराली में तबाही
गोपेश्वर।
टुंडरी गदेरे ने थराली में आपदा का कहर मचाया है। इसके चलते ही तहसील परिसर, चेपडों बाजार, कोटडीप बाजार में आपदा का कहर बरपा है। कतिपय घरों में एक से दो फीट मलवा घुसा है। सगवाडा में एक मकान में मलवा भरने से एक युवती जिंदा दफन हो गई। डीडीआरएफ की टीम ने युवती के शव को बरामद कर लिया है। टुंडरी गदेरा आपदा का कारण बना है। इसके चलते आपदा ने विकराल रूप धारण किया।
राहत शिविरों की शरण में प्रभावित
गोपेश्वर।
थराली में आई आपदा के चलते प्रभावितों के लिए राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी के नव निर्मित भवन तथा सतलुज जल विद्युत निगम के परिसर को आपदा राहत शिविर के रूप में स्थापित किया गया है। प्रभावित क्षेत्र के लोगों को इन शिविरों में शरण दी गई है। राहत शिविर में प्रभावित के लिए रजाई, गद्दे, भोजन, बर्तन, गैस सिलेंडर आदि की व्यवस्था प्रदान की गई है। प्रशासन की ओर से प्रभावितों को खाने की व्यवस्था भी शिविरों में की गई है।





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