पोखरी (चमोली)। दिग्गज नेताओं का गृह क्षेत्र की तहसील पोखरी स्थाई एसडीएम व तहसीलदार की बाट जोह रहा है। क्षेत्र के लोगों के तमाम सरकारी कामकाज ठप होने से लोगों में भारी रोष व्याप्त है। बताते चले कि पोखरी तहसील में ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व राज्य सभा सांसद महेंद्र भट्ट, पूर्व काबिना मंत्री राजेंद्र भंडारी व बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला का गृह क्षेत्र भी पड़ता है। पोखरी तहसील 1998 में संयुक्त उत्तर प्रदेश के समय बनी थी। जो मौजूदा समय में एक बार फिर प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रही है। तहसील में स्थाई उपजिलाधिकारी और तहसीलदार की तैनाती न होने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनता को निवास प्रमाण पत्र, हैसियत प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, चरित्र प्रमाण पत्र, खाता-खतौनी, दाखिल-खारिज जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
स्थाई एसडीएम व तहसीलदार के न होने के चलते हालिया आपदा में परिसंपत्तियों के नुकसान का आकलन भी नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों को समय से मुआवजा मिलने में दिक्कते आ रही है। ऐसे में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शुरूआती वर्षों में तहसील में नियमित रूप से एसडीएम और तहसीलदार तैनात रहते थे। इससे प्रशासनिक व्यवस्था दुरुस्त रहती थी, लेकिन अब स्थिति आया राम गया राम जैसी हो गई है। अधिकारी कुछ महीनों की तैनाती के बाद मनचाही जगह स्थानांतरण करवा लेते हैं।
वर्तमान में यहां पर तैनात एसडीएम का तबादला दोबारा से थराली कर दिया गया है और तहसीलदार मेडिकल लीव पर हैं। इससे तहसील फिर से प्रभारी अधिकारियों के भरोसे छोड़ दी गई है। इससे लोगों में भारी रोष व्याप्त है। इसको लेकर जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र सिंह राणा, प्रमुख राजी देवी, ज्येष्ठ प्रमुख ऊषा कंडारी, पूर्व प्रमुख नरेंद्र रावत, पूर्व प्रमुख प्रीती भंडारी, ब्लॉक कांग्रेस संरक्षक कुंवर सिंह चौधरी, राज्य आंदोलनकारी संगठन के अध्यक्ष कुंवर सिंह खत्री, नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, टैक्सी यूनियन अध्यक्ष विजयपाल सिंह रावत, विष्णु प्रसाद चमोला, रमेश चौधरी, संतोष चौधरी समेत अन्य लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर तत्काल स्थायी एसडीएम और तहसीलदार की तैनाती की मांग की है। इधर, पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र सिंह भंडारी ने कहा कि वे मुख्यमंत्री से अधिकारियों की तैनाती की मांग करेंगे। बद्रीनाथ विधायक लखपत सिंह बुटोला ने भी मुख्यमंत्री से इस विषय में शीघ्र कार्रवाई करने की अपील की है। विधायक ने कहा कि इस संबंध में वे पहले भी लिख चुके है, लेकिन अब तक कोई नियुक्ति नहीं हो सकी है। कहा कि आपदा के समय तहसील को अधिकारियों से विहीन छोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

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