पोखरी (चमोली)। जीजीआईसी पोखरी में छात्राओं में उद्यमशीलता बढ़ाने के लिए कौशलम् ग्रैंड फिनाले-2026 का आयोजन किया गया। कौशलम् विकास कार्यक्रम के तहत छात्राओं ने विभिन्न उत्पादों और मॉडलों का अवलोकन किया। इस दौरान उप शिक्षाधिकारी नेहा भट्ट तथा कौशलम् कार्यक्रम के जिला समन्वय तेजेंद्र रावत ने छात्राओं को कौशलम् कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने छात्राओं की ओर से बनाए गए विभिन्न उत्पादों और मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत नीति नियंताओं का मुख्य उद्देश्य शिक्षा को गुणवत्ता परक बनाकर उसकी प्रासंगिकता को बढ़ाना है। कौशलम का उद्देश्य प्रोडक्ट और मॉडल बनाना ही नही अपितु आने वाली पीढ़ी को उद्यमशील बनाना है। युवा पीढ़ी जॉब मांगने वाली नहीं अपितु जॉब देने वाली बने।
जिला समन्वयक तेजेन्द्र रावत ने कौशलम के बारे मे छात्राओं से सवाल जबाव करते हुए कहा कि 21वीं शताब्दी मे तेजी से बदलती हुई दुनिया और उत्तराखण्ड मे हो रहे पलायन की समस्या को रोकने के लिए यह कार्यक्रम कॅरियर विकल्प के रूप में अपनाया जा सकेगा। इसके चलते आसपास के संसाधनों के जरिए उत्पादों को बढ़ावा देना होगा। प्रधानाचार्य पूनम रानी नेगी ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम आनी वाली पीढ़ी को उद्यमशील मानसिकता के अनुरूप तैयार करेगी।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रवक्ता रेखा पटवाल राणा ने कहा कि आने वाले समय में जहा एकतरफ तकनीकी का बोलबाला होगा वहीं दूसरी तरफ पलायन से भी लोगों को निजात मिलेगी।
इस दौरान अवसर पर सीएचसी ब्लाक कोर्डिनेटर राहुल बिष्ट, पुष्पा चौधरी, सविता राज, इन्दू भारती, पूनम रानी नेगी, अनुराधा राणा, प्राची राणा, पूजा गुसाई, पुष्पा नेगी, विशेश्वरी सजवाण आदि मौजू रहे।

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