गोपेश्वर। जनपद में संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) एक बार फिर एक नवजात शिशु के लिए वरदान साबित हुआ है। ज्योतिर्मठ ब्लॉक के जल ग्वाड़ गांव निवासी अनिल कुमार के नवजात शिशु में जन्म के समय ‘क्लब फुट’ (जन्मजात पैर विकार) की पहचान हुई थी, जिसका स्वास्थ्य विभाग की तत्परता से सफल उपचार किया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि 20 दिसंबर को जिला चिकित्सालय में जन्म के उपरांत बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी रावत ने इस विकार की पुष्टि की, जिसके बाद शिशु को तुरंत राजकीय कोरोनेशन हॉस्पिटल, देहरादून रेफर किया गया। वहां विशेषज्ञों द्वारा किए गए उपचार के बाद अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है। ‘टेलिपीस इक्विनोवेरस’ के नाम से जाने जाने वाले इस विकार में बच्चे का पैर अंदर और नीचे की ओर मुड़ा होता है, जिसे समय रहते इलाज मिलने पर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। सीएमओ ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों की नियमित जांच कराएं ताकि सरकारी योजनाओं के माध्यम से समय पर निःशुल्क उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

More Stories
सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने किया नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग का औचक निरीक्षण, बायोमेट्रिक उपस्थिति एवं अनुशासन पर सख्ती
डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने दी स्वास्थ्य सेवाओं को नयी धार, जिले के 16 अस्पतालों को बनाया गया नोडल केंद्र, एक्सरे – अल्ट्रासाउंड और एंबुलेंस सुविधाओं में होगा बड़ा सुधार
ठंड से राहत : डीएम स्वाति एस. भदौरिया ने जरूरतमंद परिवारों को वितरित की राहत सामग्री