जोशीमठ। जोशीमठ में वर्ष 2023 की भू-धंसाव आपदा के तीन साल बाद भी प्रभावित परिवारों के उचित पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था न होने पर ‘जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति’ ने एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। समिति के संयोजक अतुल सती का कहना है कि अप्रैल 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ हुई सहमति के बावजूद धरातल पर अभी तक कोई ठोस कार्य शुरू नहीं हो पाया है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 1640 करोड़ रुपये के पैकेज के बाद भी प्रभावितों को पूर्ण मुआवजा, व्यावसायिक नुकसान की भरपाई और ‘भूमि के बदले भूमि’ देने जैसे अहम फैसले अधर में लटके हुए हैं। स्थानीय जनता ने नगर क्षेत्र में निर्माण कार्यों पर लगे प्रतिबंध से उपजे आवास संकट और सुरक्षात्मक कार्यों में बरती जा रही लापरवाही पर गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए एक दिवसीय धरना शुरू कर दिया है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी 8-सूत्रीय मांगों पर तत्काल सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में क्षेत्र की जनता एक बड़े और उग्र आंदोलन के लिए विवश होगी।

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