गोविंदघाट। सिखों के सुप्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री हेमकुंड साहिब** के कपाट आगामी 23 मई को खुलने जा रहे हैं, जिसके लिए यात्रा मार्ग को सुगम बनाने की कवायद युद्धस्तर पर शुरू हो गई है। इसी कड़ी में बुधवार को भारतीय सेना के 16 जांबाज जवानों का पहला दल गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना कर दिया गया। 9 माउंटेन ब्रिगेड की 418 स्वतंत्र कंपनी के ये जवान यात्रा मार्ग के दूसरे मुख्य पड़ाव पहुंचेंगे, जहाँ वे प्रारंभिक रेकी करने के पश्चात भारी बर्फबारी से ढके रास्तों को साफ करने का चुनौतीपूर्ण कार्य प्रारंभ करेंगे।
गुरुद्वारा प्रबंधक सेवा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि परंपरा के अनुसार, हर वर्ष भारतीय सेना के सहयोग से ही हेमकुंड साहिब के विकट रास्तों से बर्फ हटाने का कार्य संपन्न होता है। पहले चरण में भेजे गए ये 16 जवान अटलाकुडी से बर्फ काटना शुरू करेंगे और मार्ग बनाते हुए मुख्य धाम तक पहुंचेंगे। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस कार्य को गति देने के लिए आगामी कुछ दिनों के भीतर 12 और जवानों की दूसरी टुकड़ी भी वहां भेजी जाएगी। आस्था और सेवा के इस संगम के बीच सेना के जवान शून्य से नीचे के तापमान और दुर्गम पहाड़ियों के बीच रास्ता तैयार करने में जुट गए हैं, ताकि नियत तिथि तक श्रद्धालु सुरक्षित रूप से गुरुद्वारे में मत्था टेक सकें।

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