22 June 2024

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने में स्वयं सहायता समूहों का हो सकता है अहम रोल – डीएम मयूर दीक्षित

टिहरी : समूह/सहकारिता/व्यक्तिगत उद्यमियों हेतु बुधवार को नगर पालिका परिषद् कम्युनिटि हॉल, टिहरी गढ़वाल में उत्पाद पैकेजिंग, लेबलिंग, एफ.एस.एस.ए.आई. पंजीकरण, उद्यम स्थापना, वैधानिक औपचारिकताओं एवं सरकारी विभागीय योजनाओं आदि पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस मौके पर जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल मयूर दीक्षित ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ करने में स्वयं सहायता समूहों का अहम रोल हो सकता है और यह तभी सम्भव है, जब समूहों द्वारा अधिक मात्रा में उत्पादन और ब्रिकी की जायेगी। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों एवं व्यक्तिगत उद्यमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा एवं उद्यम पंजीकरण, पैकेजिंग, लेबलिंग, विभिन्न रोजगार परक योजनाओं के बारे में बताया जायेगा। प्रशिक्षण में छोटी-छोटी जानकारियां हांसिल कर अपने क्षेत्र में एक्सपर्ट बनें तथा कलस्टर आधार पर एक जगह पर बड़ी मात्रा में उत्पादन करें, पैकेजिंग एवं लेबलिंग पर विशेष ध्यान दें, मूल्यवान उत्पादों पर फोकस करें, ताकि बिक्री हेतु बाजार खुद आपके पास पहुंच सके।
जिलाधिकारी ने कहा कि समूहों द्वारा पैकेजिंग में काफी सुधार लाया गया, उत्पादों की गुणवत्ता भी अच्छी है, बस क्षमता निर्माण करना जरूरी है। जिलाधिकारी ने पीडी डीआरडीए को हर ब्लॉक में अच्छा काम करने वाले समूहों के अनुभव अन्य को भी साझा करने को कहा गया। इस मौके पर स्वयं सहायता समूह कीर्तिनगर से रंजना रावत, जाखणीधार से भारती गुनसोला तथा व्यक्तिगत उद्यमी सुशान्त उनियाल द्वारा अपने-अपने कार्य अनुभव साझा किये गये। जिलाधिकारी ने संबंधित से उत्पादन, बिक्री, मार्केटिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग आदि के बारे में जानकारी लेते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया गया।
ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के तत्वाधान में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा खाद्य सुरक्षा पंजीकरण, पैकेजिंग, लेबलिंग, उद्यम पंजीकरण, लाइसेंसिग, ट्रेडमार्क, मिलेट्स उत्पादन, प्रोसेंसिंग, उद्यम संचालन के तहत उत्पाद कर की मूलभूत जानकारियां एवं जीएसटी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही उद्योग विभाग, खादी ग्रामोद्योग, उरेडा, कृषि, पशुपालन, नाबार्ड द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी, औद्योनिक फसलों के बीज एवं पौधों की उपलब्धता, क्षेत्र स्तर पर संचालित कार्यदायी इकाईंयां, पशु पोषण, सुरक्षा एवं बीमारियों से बचाव तथा जिला सहकारी बैंक एवं विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से प्रदान की जाने वाली ऋण सुविधाओं/बैंक लिंकेज पर जानकारी दी गई। इस मौके पर पीडी डीआरडीए योगेश उपाध्याय, डीडीओ मो. असलम, सीएओ अभिलाषा भट्ट, सीवीओ आशुतोष जोशी, एलडीएम मनीष मिश्रा सहित अन्य अधिकारी, विशेषज्ञ, स्वयं सहायता समूहों के सदस्य उपस्थित रहे।