गोपेश्वर (चमोली)। नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के अभियुक्त को न्यायालय ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश विध्यांचल सिंह की अदालत ने जोशीमठ कोतवाली क्षेत्रातंगर्त सात वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोपी अशोक महतो को दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास से भी आरोपी को दंडित किया गया है।
विशेष लोक अभियोजन (पोक्सो) मोहन पंत ने सजा की पुष्टि करते हुए बताया कि नेपाली मूल की पीड़िता के साथ पडोस में रहने वाले मजदूर अशोक महतो ने पीड़िता को बहला फुसला कर अपने घर ले गया। उसके साथ गलत काम कर किसी न बताने की धमकी दी गई। बीते वर्ष 2024 की 25 जून को पीड़िता की माता जब पीड़िता को नहला रही तो उस दौरान पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में सूजन दिखाई दी। इसके बारे में पीड़िता की मां ने बच्ची से जानकारी ली। पीड़िता ने घटना के बारे में पूरी जानकारी दी। पीड़िता की मां ने कोतवाली जोशीमठ में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने विवेचना कर अभियुक्त के विरूध आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में दस गवाह भी पेश किए गए। डाक्टर की ओर से पीड़िता के चिकित्सीय परीक्षण में पीड़िता के प्राइवेट पार्ट पर सूजन पाई गई। न्यायालय ने अभियोजन की ओर से प्रस्तुत गवाई पर अभियुक्त अशोक महतो को दुष्कर्म के आरोप में दोषसिद्ध पाया।

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