गोपेश्वर (चमोली)। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने महिला विरोधी नीतियों पर सरकार पर निशाना साधते हुए महिलाओं की सुरक्षा को प्रभावी कदम उठाने पर जोर दिया है।
समिति की जिलाध्यक्ष पुष्पा किमोठी की अध्यक्षता में पालिका सभागार में हुए जिला सम्मेलन में महिलाओं ने सरकार की महिला विरोधी नीतियों पर जमकर भड़ास निकाली। वक्ताओं का कहना था कि राज्य में महिलाएं पूरी तरह असुरक्षित हो चली है। सरकार महिला सुरक्षा के हवाई दावे कर रही है जबकि जमींनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए स्वयं ही संघर्ष के लिए आगे आना होगा। जिला मंत्री गीता बिष्ट ने संगठन की मजबूती पर बल देते हुए 3 वर्षों की सांगठनिक रिपोर्ट सम्मेलन प्रस्तुत की। इस दौरान जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा करने तथा समाज में व्याप्त नशाखोरी पर चिंता जताई गई। बेरोजगारी के विरूद्ध संघर्ष करने और भूमिहीनों को जमींन का पट्टा आंवटित करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई। परंपरागत रूप से वन भूमि पर बसागत कर रहे लोगों को बेदखल करने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग भी की गई। इस अवसर पर सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित किए गए। प्रदेश महामंत्री दमयंती नेगी ने कहा कि संगठन को अब संघर्ष की भूमिका में खड़ा होना होगा। मीणा बिष्ट का कहना था कि यह वक्त आम जनता के सरोकारों को सिद्दत के साथ उठाने का है। इसलिए इसमें देरी नहीं की जानी चाहिए।
इस अवसर पर 19 सदस्यीय समिति का भी गठन किया गया। इसके तहत गीता बिष्ट को अध्यक्ष, सीमा असवाल को सचिव, ऊषा रावत, मीना बिष्ट, ऊषा बिष्ट को उपाध्यक्ष लता मिश्रा, शोभा व अंजू को संयुक्त सचिव तथा ममता गौड को कोषाध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया। इस दौरान सीटू के जिलाध्यक्ष मदन मिश्रा, जनवादी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष कमलेश गौड़, किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष भूपाल सिंह रावत, गजे सिंह बिष्ट आदि ने भी विचार व्यक्त किए।

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