पौड़ी : पौड़ी गढ़वाल जनपद के विकासखंड द्वारीखाल स्थित प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर (डाडामंडी) में पुरातात्विक महत्व के शिलालेख मिलने का मामला सामने आया है। विद्यालय परिसर में इन अभिलेखों के मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता का माहौल है और इसे एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक खोज के रूप में देखा जा रहा है।
विद्यालय के शिक्षक द्वारा पूर्व में इस विषय को जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के संज्ञान में लाया गया था। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुरातत्व विभाग को मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए।
निर्देशों के क्रम में प्रभारी जिला पुरातत्व अधिकारी अनिल बिष्ट के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम, जिसमें कनिष्ठ अभियंता अनिल नेगी भी शामिल थे, विद्यालय पहुंची और शिलालेखों का प्रारंभिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अभिलेखों को सुरक्षित रूप से अपने कब्जे में लेकर विस्तृत परीक्षण हेतु पौड़ी लाया गया है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शिलालेख में तत्कालीन वायसराय लार्ड कर्जन का उल्लेख मिलता है, जिससे इसका कालखंड वर्ष 1905 के आसपास का प्रतीत होता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय इस स्थान पर एक विद्यालय की स्थापना की गयी थी, जहां संभवतः अध्यापकों के प्रशिक्षण की भी व्यवस्था थी। इस आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि यह स्थल गढ़वाल क्षेत्र के शुरुआती शिक्षक प्रशिक्षण केंद्रों में से एक रहा हो सकता है। वर्तमान में यह शिलालेख राजकीय प्राथमिक विद्यालय पाली लंगूर के प्रांगण में स्थापित था।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिलालेखों की ऐतिहासिकता व प्रामाणिकता की जांच विशेषज्ञों से करायी जा रही है। पुष्टि होने पर यह खोज गढ़वाल के शैक्षिक इतिहास की महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। साथ ही इन अभिलेखों को भविष्य में निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट हेरिटेज म्यूजियम में सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा, ताकि आमजन क्षेत्र के समृद्ध इतिहास से परिचित हो सकें।
स्थानीय ग्रामीणों में इस खोज को लेकर खासा उत्साह है और वे इसे अपने क्षेत्र के गौरव से जोड़कर देख रहे हैं। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की पुरातात्विक वस्तु मिलने पर उसे सुरक्षित रखते हुए तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।

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