गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर में बुधवार को स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन ऑथरेटी (सारा) की बैठक में जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने क्रिटिकल जल स्रोतों, नदियों व जलाशयों के संरक्षण एवं संवर्धन के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी तिवारी ने सारा बैठक में सारा के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यो की प्रगति समीक्षा करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष के प्रस्तावों और एक करोड़ से उपर की तीन योजनाएं जिसमें मोथूगाड, आटागाड और चन्द्रभागा गदेरे के डीपीआर बनाने को लेकर चर्चा की। उन्होंने बदरीनाथ और केदारनाथ वन प्रभाग को सारा के निर्धारित फॉर्मेट में डीपीआर तैयार करने और अपने स्तर से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों को जल संरक्षण एवं संवर्धन को लेकर प्रस्ताव बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि अच्छे प्रस्तावों को लेकर बजट कोई कमी नहीं होगी। डीएम ने सिंचाई विभाग को सारा में प्रस्तावित चंद्रभागा गदेरे, सिंवाई की डीपीआर तैयार करते हुए शासन को भेजने को कहा। सूगी गदेरे की डीपीआर में जो क्वेरी लगाई गई है उसका निदान करते हुए जल्द शासन को भेजने को कहा। बैठक में गलत सूचना देने पर जल निगम के सहायक अभियन्ता को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
सारा के नोडल अरविन्द नेगी ने बताया कि सारा के अन्तर्गत जल संवर्धन एवं संरक्षण के लिए चाल खाल, खंतियों, चेकडैम का निर्माण एवं पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में 87 क्रिटीकल स्त्रोत चिह्नित किए गए हैं और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए सारा में बदरीनाथ डिवीजन ने पांच, केदारनाथ ने चार और सिंचाई विभाग ने तीन प्रस्ताव दिए हैं। इस दौरान जिला विकास अधिकारी केके पन्त, परियोजना निदेशक आनंद सिंह आदि मौजूद रहे।

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