- कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर डीएम स्वाति एस. भदौरिया तथा एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ किया 5 घंटे तक नीलकंठ क्षेत्र का गहन निरीक्षण, मंदिर समिति और व्यापार संघ के साथ की बैठक
- मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति में कोताही न बरतें अधिकारी – जिलाधिकारी
नीलकंठ/लक्ष्मणझूला : कांवड़ यात्रा की तैयारियों के अंतर्गत जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शनिवार को नीलकंठ क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर यात्रा मार्ग, सफाई, पेयजल, स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही, नीलकंठ मंदिर समिति और व्यापार संघ के साथ बैठक कर जनप्रतिनिधियों से फीडबैक प्राप्त किया। बैठक में मुख्य रूप से सफाई एवं पेयजल आपूर्ति संबंधी समस्याएं सामने आईं, जिस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिये।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लोनिवि के अधिशासी अभियंता को जानकीचट्टी-नीलकंठ मोटर मार्ग पर कार्य पूरा न करने पर कारण बताओ नोटिस दिया तथा यात्रियों की सुरक्षा के दृष्टिगत गड्ढों को भरने, टूटे पुस्तों की मरम्मत और क्रैश बैरियर लगाने का कार्य अगले तीन दिनों के भीतर पूरा करने को कहा। साथ ही उन्होंने नीलकंठ बाजार में बरसाती पानी की निकासी हेतु नाली निर्माण कार्य को प्राथमिकता पर शुरू करने तथा दुर्घटनाओं की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही तय करने के निर्देश भी दिये।
जिलाधिकारी द्वारा नीलकंठ क्षेत्र में लगे हैंडपंपों और स्टैंड पोस्ट के पानी की गुणवत्ता की जांच कराने, साइन बोर्ड लगाने, और पेयजल की निर्बाध आपूर्ति हेतु जल संस्थान व विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में टैंकर की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा। साथ ही पीपलकोटी के निकट भवन निर्माण से हो रहे भू-धंसाव पर निर्माणकर्ता को आपदा प्रबंधन के अंतर्गत नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। नीलकंठ पार्किंग स्थल पर शौचालय और जलापूर्ति व्यवस्था न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए एएमए जिला पंचायत को कारण बताओ नोटिस जारी किया। साथ ही स्थायी व मोबाइल शौचालयों की सफाई, जलापूर्ति एवं मरम्मत को भी प्राथमिकता देने को भी कहा।
यात्रा को सुचारु रूप से चलने के लिये जिलाधिकारी ने यात्रा अवधि में नीलकंठ क्षेत्र में साफ-सफाई के पुख़्ता इंतजाम करने, कूड़ा गाड़ियों की संख्या बढ़ाने तथा तैनात 60 सफाई कर्मियों की मॉनिटरिंग सेक्टर मजिस्ट्रेट के माध्यम से सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये।
स्थानीय लोगों से सुनीं गई समस्याओं के समाधान में जिलाधिकारी ने हिमालयन होटल से नीलकंठ मंदिर तक पैदल मार्ग पर चौड़ीकरण, पुलिया निर्माण, और दिशा संकेतक बोर्ड तथा माइलस्टोन लगाए जाने के निर्देश भी दिये। साथ ही कालीकुंड के पास बरसाती गधेरे में स्नान से रोकने हेतु बैरिकेडिंग कराए जाने को कहा।
स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिये जिलाधिकारी ने बाघखाल, पुंडरासु व मंदिर परिसर में यात्रियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु मुख्य चिकित्साधिकारी को पर्याप्त स्टाफ की तैनाती के निर्देश दिये। साथ ही, लक्ष्मणझूला से नीलकंठ तक 8 किमी पैदल मार्ग पर स्ट्रीट लाइट व वन रक्षकों की तैनाती के निर्देश वन विभाग को दिये। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने खाद्य गुणवत्ता और अधिक मूल्य वसूली की रोकथाम हेतु खाद्य सुरक्षा अधिकारी, पुलिस व राजस्व विभाग को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिये। साथ ही उन्होंने व्यापार संघ से सहयोग की अपेक्षा जतायी।
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, उपजिलाधिकारी यमकेश्वर अनिल चन्याल, एसडीएम रेखा आर्य, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, लोनिवि के अधिशासी अभियंता निर्भय सिंह, अपर मुख्य अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, पुलिस उपाधीक्षक अनुज कुमार, वन विभाग की एसडीओ चित्रांजलि, महंत सुभाष गिरी तथा नीलकंठ व्यापार संघ के अध्यक्ष ब्रजेश चौहान आदि उपस्थित रहे।


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