चमोली । उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में वनाग्नि का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में शनिवार रात ज्योतिर्मठ के ठीक सामने स्थित चांई गांव के जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटों और धुएं से पूरी घाटी ढक गई है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग असामाजिक तत्वों द्वारा लगाए जाने की आशंका जताई जा रही है। वन विभाग की बार-बार की अपीलों और चेतावनियों के बावजूद आगजनी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं, जो चिंता का विषय बन चुकी हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के अंतर्गत अलकनंदा और लक्ष्मण गंगा की ऊंची चोटियों पर लगी आग पर छह दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया गया था। इसके बाद नीति घाटी और लांजी गांव में भी वनाग्नि की घटनाएं सामने आईं, और अब चांई गांव की पहाड़ियों का धूं-धूं कर जलना पर्यावरण, वन्यजीवों और स्थानीय आबादी के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
वन विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, वहीं प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और आगजनी की किसी भी सूचना को तुरंत साझा करने की अपील की है।

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