ज्योतिर्मठ । भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की वार्षिक प्रक्रिया का विधिवत शंखनाद हो चुका है। इसी क्रम में डिम्मर गांव से प्रारंभ हुई पवित्र तेल कलश (गाडू घड़ा) यात्रा मंगलवार को जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में दर्शनों के उपरांत पांडुकेश्वर पहुंच गई।
पांडुकेश्वर में रात्रि विश्राम के बाद यह यात्रा बुधवार को पुनः डिम्मर गांव के लिए प्रस्थान करेगी, जबकि गुरुवार को गाडू घड़ा यात्रा नरेंद्रनगर राज दरबार पहुंचेगी। परंपरा के अनुसार, 23 जनवरी को बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर टिहरी राज दरबार में गणेश पूजा एवं पंचांग गणना के पश्चात भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की तिथि की औपचारिक घोषणा की जाएगी।
इस महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन में बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी रावल, धर्माधिकारी, वेदपाठी ब्राह्मणों सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रहेगी। कपाट खुलने की तिथि की घोषणा को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

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