ज्योतिर्मठ । सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को गति देने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत जेलम के अंतर्गत आने वाले जुम्मा गांव को ‘वाइब्रेंट विलेज’ घोषित किया गया है। इसी क्रम में मंगलवार को माइग्रेशन गांव कालेश्वर में जिला परियोजना अधिकारी की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित करना रहा।
बैठक में जोतिर्मठ ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी (BDO) मोहन जोशी सहित ब्लॉक स्तर के विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत होने वाले बुनियादी ढांचे के विकास, स्वरोजगार के अवसरों और पर्यटन की संभावनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
जन प्रतिनिधियों ने गांव के विकास से जुड़ी अपनी मांगों और सुझावों को अधिकारियों के समक्ष रखा। बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने भी योजना का स्वागत करते हुए अपने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सीमांत गांवों से पलायन रोकने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बैठक में ग्राम प्रधान जेलम दयाल सिंह बिष्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य डॉ. मनोज रावत और सरपंच जुम्मा बलबीर सिंह रावत मौजूद रहे।

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