बड़कोट : उत्तराखंड के बड़कोट में बिना चुनाव के ही सियासी हलचल तेज़ हो गई है. यमुनोत्री के विधायक और उनके भाई, जो कि नगरपालिका अध्यक्ष भी हैं, पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़े हुए हैं, जबकि दूसरी ओर उन पर सरकारी कामकाज में दखल देने और अराजकता फैलाने के आरोप लग रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद एक सीसीटीवी फुटेज से शुरू हुआ, जिसमें बड़कोट गांव के एक युवक की कुछ पुलिसकर्मी पिटाई करते नजर आ रहे हैं. युवक ने आरोप लगाया है कि यह पिटाई अतोल रावत के कहने पर की गई थी. इसी फुटेज को आधार बनाकर विधायक और नगरपालिका अध्यक्ष ने कुतरू एसएचओ और अन्य आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. अपनी मांग को लेकर विधायक और उनके भाई ने समर्थकों के साथ विरोध प्रदर्शन भी किया, जिसमें उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया.
अतोल रावत का जवाबी हमला
इस मामले में अब अतोल रावत भी खुलकर सामने आ गए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर विधायक और उनके भाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं. रावत का कहना है कि दोनों भाई अनैतिक कार्य कर रहे हैं और लोगों को परेशान कर रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को धमकाने का भी आरोप लगाया. रावत ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि दोनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उनकी अराजकता को रोका जा सके.

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