ज्योतिर्मठ। शुक्रवार को भूस्खलन और चट्टानें दरकने के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मलारी हाईवे को भारी क्षति पहुँची है। हाईवे पर विशालकाय बोल्डर आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया है हालांकि, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) ने बोल्डरों को हटाकर मार्ग साफ करने में सफलता पा ली है, भूस्खलन के कारण सड़क का मुख्य हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और सड़क को सहारा देने वाली पुश्ता दीवार (रिटेनिंग वॉल) भी पूरी तरह ढह चुकी है।
राहत की बात यह है कि प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार कर लिया गया है, जिससे फंसे हुए लोग अपने गंतव्य की ओर बढ़ पा रहे हैं। लेकिन सड़क का बड़ा हिस्सा ढह जाने के कारण भारी वाहनों और कारों का गुजरना अभी भी असंभव बना हुआ है। वाहनों की आवाजाही बहाल करने के लिए अब कार्यदायी संस्था ने ‘हिल कटिंग’ का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। रॉक कटिंग के जरिए पहाड़ी की ओर से सड़क को नया आकार दिया जा रहा है ताकि सुरक्षित मार्ग तैयार किया जा सके।
सीमा सड़क संगठन के मेजर विवेक सोनी ने बताया कि घाटी में संपर्क मार्ग को खोलने के लिए भारी मशीनें तैनात की गई हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि पैदल मार्ग सुचारू हो चुका है और उम्मीद है कि शनिवार रात तक वाहनों के लिए भी रास्ता पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
वहीं, जोशीमठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने स्थिति पर स्पष्टता देते हुए कहा कि मार्ग बाधित होने से फिलहाल कोई बड़ी परेशानी नहीं है, क्योंकि घाटी के लोग सुरक्षित अपने गांवों तक पहुँच रहे हैं। प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है।

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