चमोली। भारत–चीन सीमा से लगे अग्रिम क्षेत्रों में गुरुवार को हुई हल्की बर्फबारी से ठंड में इजाफा दर्ज किया गया है, हालांकि शुक्रवार सुबह से मौसम साफ बना हुआ है। सीमांत इलाकों में बर्फ की हल्की परत जमने से तापमान में गिरावट तो आई, लेकिन अपेक्षित हिमपात अब तक नहीं हो सका है।
इस वर्ष शीतकाल में मौसम का बदला हुआ मिजाज लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। बीते वर्षों में जहां इस समय तक पूरी घाटी बर्फ की मोटी चादर से ढक जाती थी, वहीं इस बार उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी बर्फबारी बेहद कम दर्ज की गई है। अक्टूबर के बाद लंबे अंतराल तक मौसम शुष्क बना रहा और नए साल की शुरुआत में भी केवल हल्की फुहारें ही देखने को मिली हैं।
मौसम विभाग की ओर से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है, लेकिन अब भी स्थानीय ग्रामीणों और सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को एक अच्छी और व्यापक बर्फबारी का इंतजार है। लोगों का कहना है कि पर्याप्त हिमपात न होने से प्राकृतिक जलस्रोतों के रिचार्ज पर असर पड़ रहा है और सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका बढ़ती जा रही है। ऐसे में क्षेत्र को राहत देने के लिए जोरदार बर्फबारी बेहद जरूरी मानी जा रही है।

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