गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथारिटी (सारा) की बैठक में जल संरक्षण तथा संवर्द्धन के लिए दीर्घकालीन योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथारिटी (सारा) की बैठक में डीएम तिवारी ने सारा योजना के तहत जनपद में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी रेखीय विभागों को जनपद में जल संरक्षण और संवर्द्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की क्षमता वृद्धि के साथ दीर्घकालिक योजनाएं बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा करते हुए आगामी वित्तीय वर्ष के प्रस्तावों के साथ ही मोथूगाड व चन्द्रभागा गदेरों में प्रस्तावित योजनाओं को तत्काल अनुमोदित करवाने पर बल दिया। सभी अधिकारियों को जल स्रोतों, नदियों, जलाशयों के जल संरक्षण एवं जल संवर्द्धन के कार्यों में तेजी लाने और बदरीनाथ और केदारनाथ वन प्रभाग के अधिकारियों को सारा योजना के निर्धारित प्रारुप में डीपीआर तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा।
डीएम तिवारी ने सारा की सोशल कॉर्डिनेटर को सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को भगीरथ एप की विस्तृत जानकारी देने और जल संरक्षण के लिए स्रोतों के चयन की प्रक्रिया व मानकों की जानकारी देने के निर्देश दिए। नोडल अधिकारी अरविन्द नेगी ने बताया कि योजना के अन्तर्गत जल संवर्धन एवं संरक्षण के लिए चाल खाल, खन्तियों, चेकडैम का निर्माण एवं पौधारोपण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में 87 क्रिटिकल स्रोत स्प्रिंग चिन्हित किए गए हैं और वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए योजना में बद्रीनाथ वन प्रभाग के पांच, केदारनाथ वन प्रभाग के पांच, जल संस्थान गोपेश्वर के तीन, जल निगम गोपेश्वर के आठ और जल संस्थान कर्णप्रयाग की पांच योजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। इस दौरान सारा योजना की सोशल कॉर्डिनेटर मंजू परिहार ने अधिकारियों को भगीरथ एप की जानकारी दी।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी, डीडीओ केके पंत, मुख्य शिक्षा अधिकारी धर्म सिंह रावत आदि मौजूद रहे।

More Stories
आईटीबीपी की थाली तक पहुंच रहीं सहसपुर की ऑर्गेनिक सब्जियां, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लिखी आत्मनिर्भरता की नई कहानी
सहकारिता मंत्रालय के 5 वर्ष पूरे : उत्तराखंड में रोपे जाएंगे रिकॉर्ड पौधे, 2 लाख किसानों को मिलेगा 0% ब्याज पर ऋण – सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
कुमाऊँ और गढ़वाल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 29.65 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धनगढ़ी सेतु का किया लोकार्पण