गोपेश्वर (चमोली)। जिलाधिकारी चमोली ने संदीप तिवारी ने नंदादेवी राजजात यात्रा मार्ग के भू-स्खलन वाले क्षेत्रों को चिह्नित करते हुए लोनिवि को प्रस्तावों में शामिल करने के निर्देश दिए।
नंदादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों को लेकर निर्माण कार्यों की प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए डीएम तिवारी ने लोनिवि की ओर से यात्रा मार्ग पर कराए जाने वाले कार्यों के प्रस्तावों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से प्राथमिकता वाले कार्यों की जानकारी लेते हुए कहा कि जिन स्थानों पर निर्माण कार्य किए जाने है उन स्थानों की स्पष्ट फोटो भी प्रस्ताव के साथ लगाई जानी चाहिए। इससे वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से समझी जा सकेगी।
डीएम तिवारी ने कहा कि जिन सड़कों पर अतिक्रमण की स्थिति है उन्हें चिन्हित कर लिया जाना चाहिए। कहा कि यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कौन-कौन सी सड़कें फिलहाल डीएलपी (डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड) में हैं। उन्होंने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (स्लाइड जोन) की जानकारी भी प्रस्तावों में शामिल करने को कहा, ताकि यात्रा मार्ग को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
लोनिवि के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि यात्रा की महत्ता को देखते हुए सभी निर्माण कार्यों के लिए आंगणन प्रस्ताव प्राथमिकता अनुसार तैयार कर समयबद्ध रूप से प्रस्तुत किए जाएं। इससे विभागीय स्तर पर अनुमोदन एवं बजट स्वीकृति की प्रक्रिया में विलंब नही होगा।
बैठक में इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, जिला पर्यटन अधिकारी अरविन्द गौड़, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता राजेश चंद्र समेत अन्य संबंधित अधिकारी वीसी से जुड़े रहें।

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