19 April 2024

टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के मूल्यांकन के लिए फील्ड में लगातार जायें अधिकारी – मिशन निदेशक स्वाति भदौरिया

डब्लू.जे.सी.एफ. अर्न्तराष्ट्रीय संस्था द्वारा डॉ. पंकज सिंह को किया गया सम्मानित।

देहरादून : टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के मूल्यांकन हेतु फील्ड में लगातार जायें अधिकारी यह बात मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्वाति भदौरिया द्वारा प्रदेश के 13 जनपदों से आये हुये जिला क्षय अधिकारी तथा जिला कार्यक्रम समन्वयक के समक्ष समीक्षा बैठक में कही गयी, जिसका आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में किया गया। मिशन निदेशक द्वारा सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि टीबी उन्मूलन हेतु राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्व है किन्तु प्रायः यह देखा जाता है कि अधिकारियों द्वारा क्षेत्र भ्रमण कम किया जा रहा है, जो कि चिन्ता का विषय है। इस हेतु अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अपने भ्रमणों मे तेजी लायें जिससे कार्यक्रम अन्तर्गत टीबी यूनिट, जांच केन्द्रों में आ रही समस्याओं का निराकरण किया जा सके। मिशन निदेशक द्वारा निर्देशित किया गया कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थाओं की सहभागिता बढायी जाये।

इस अवसर पर डॉ. पंकज सिंह, प्रभारी अधिकारी, एन.टी.ई.पी. को टीबी उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये जाने हेतु डब्लू.जे.सी.एफ. अर्न्तराष्ट्रीय संस्था द्वारा सम्मानित किया गया। डॉ. पंकज सिंह द्वारा बताया गया कि टीबी उन्मूलन की दिशा में पंचायती राज विभाग की सहभागिता अत्यन्त आवश्यक है। जिस हेतु 01 मार्च 2024 को राज्य स्तरीय टीबी मुक्त पंचायत का प्रशिक्षण राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सभागार में आयोजित किया गया। जिसमें स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायती राज विभाग से हिमाली जोशी पेटवाल, संयुक्त निदेशक एवं जनपद स्तरीय पंचायती राज अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रशिक्षण में जिला क्षय अधिकारियों द्वारा अपने-अपनेे जनपद के एक ब्लॉक को चिन्हित कर टीबी मुक्त ब्लॉक की कार्ययोजना प्रस्तुत की गयी। जिसमें संयुक्त निदेशक, पंचायती राज विभाग द्वारा आवश्यक सहयोग दिये जाने हेतु जनपद स्तरीय पंचायती राज अधिकारियों को निर्देशित किया गया। समीक्षा बैठक में निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. आरके सिंह, जिला क्षय अधिकारी डॉ. मनोज वर्मा, डॉ. रमेश कुंवर, डॉ. हरीश पोखरिया, डॉ. कुन्दन, डॉ. राजेश ढकरियाल, रीच एवं जीत संस्था के प्रतिनिधि सहित राज्य एवं जनपद स्तरीय अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।