देहरादून। एसआरएचयू को टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (टीआईएसएस), मुंबई के चांसलर और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. डी. पी. सिंह की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने एनईपी 2020 पर एक प्रेरक व्याख्यान दिया।
इस अवसर पर उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे भारत का प्राचीन ज्ञान भविष्य के लिए तैयार, मूल्य-संचालित शिक्षा मॉडल को आकार देता है।
अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने सर्वे भवंतु सुखिनः, सर्वे संतु निरामया के हमारे सिद्धांत की पुष्टि की, जो करुणा और सामूहिक कल्याण के साथ शिक्षा का मार्गदर्शन करता है।

प्रवचन की भावना को याद करते हुए, कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल और महानिदेशक (शैक्षणिक विकास) डॉ. विजेंद्र चौहान ने भारत के शैक्षणिक परिवर्तन और परम पूज्य डॉ. स्वामी राम के शाश्वत मूल्यों की स्थायी प्रासंगिकता पर विचार किया।
इस कार्यक्रम ने ज्ञान, उद्देश्य और सेवा में निहित शिक्षा – मन और चरित्र के पोषण के प्रति एसआरएचयू की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।

More Stories
तीन दिवसीय एसएमसी प्रशिक्षण का हुआ समापन
नन्ही दुनिया भावी राष्ट्र के कार्यकर्ताओं ने दिखाया मानवता का अद्भुत उदाहरण
शैलशिल्पी विकास संगठन का 8वां स्थापना दिवस समारोह हर्षौल्लास के साथ सम्पन्न