बद्रीनाथ : भगवान बदरीविशाल के कपाट खुलने के साथ ही पावन ब्रह्म कपाल तीर्थ में पितरों के निमित्त पिंडदान और तर्पण की प्रक्रिया भी विधिवत शुरू हो गई है। यात्रा के पहले दिन लगभग 100 श्रद्धालुओं ने तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में अपने पूर्वजों का श्राद्ध कर्म संपन्न कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। ‘मोक्ष धाम’ के रूप में विख्यात बद्रीनाथ आने वाले प्रत्येक तीर्थयात्री के लिए ब्रह्म कपाल में तर्पण का विशेष महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि यहाँ पिंडदान करने से पितरों को सीधे मोक्ष की प्राप्ति होती है। परंपरा के अनुसार, भगवान बद्री विशाल को भोग लगाए जाने के बाद, ब्रह्म कपाल में भी पहला पिंडदान भगवान के उसी विशेष प्रसाद (भोग) से अर्पित किया जाता है, जिसके पश्चात ही अन्य श्रद्धालुओं के लिए यह प्रक्रिया आरंभ होती है।

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