23 January 2026

हरिद्वार अर्धकुंभ 2027 की तैयारी : ₹48 करोड़ से संवरेगी धर्मनगरी, 20 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

Haridwar Ardh Kumbh 2027 : धर्मनगरी हरिद्वार में साल 2027 में होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियां अभी से धरातल पर दिखने लगी हैं। मेला प्रशासन का इस बार पूरा फोकस ‘स्थाई विकास’ पर है, ताकि कुंभ खत्म होने के बाद भी स्थानीय जनता को इन सुविधाओं का लाभ मिलता रहे। इसी कड़ी में लोक निर्माण विभाग (PWD) ने करीब ₹48 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य शुरू कर दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से हरिद्वार की करीब 20 लाख की आबादी का सफर आसान होने वाला है।

शिवालिक नगर और बीएचईएल क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण

PWD के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। करीब ₹12 करोड़ की लागत से ‘भाई चारा ढाबे’ से लेकर बीएचईएल बैरियर नंबर 6 होते हुए शिवालिक नगर चौक तक 4 किलोमीटर लंबे मार्ग को चौड़ा किया जा रहा है। खास बात यह है कि मार्ग अर्धकुंभ 2027 के दौरान शिवालिक नगर में बनने वाली विशाल पार्किंग के लिए मुख्य कनेक्टिविटी का काम करेगा, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं होगी।

10 साल पुरानी मांग पूरी : पथरी रोह नदी पर बनेगा पुल

क्षेत्रवासियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर पथरी रोह नदी से जुड़ी है। यहां करीब ₹10 करोड़ की लागत से 60 मीटर लंबा पुल बनाया जा रहा है। पिछले 10 सालों से स्थानीय लोग यहाँ रपटे की जगह पुल बनाने की मांग कर रहे थे। इस पुल के बनने से शिवालिक नगर, ज्वालापुर और सुभाषनगर की एक लाख की आबादी को सीधा फायदा होगा। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ने से रास्ता बंद हो जाता था, लेकिन अब किसानों और ग्रामीणों का आवागमन सालभर सुचारू रहेगा।

फेरूपुर तक बढ़ेगी कनेक्टिविटी, ₹25 करोड़ का बजट

कनेक्टिविटी को और विस्तार देते हुए विभाग ₹25 करोड़ के बजट से पतंजलि योगपीठ से सहदेवपुर, दिनरपुर और सुभाषगढ़ होते हुए पुरकाजी-लक्सर मार्ग को फेरूपुर तक जोड़ रहा है। इस लिंक रोड के बनने से शहर के बाहरी इलाकों का संपर्क मुख्य मार्ग से बेहतर हो जाएगा।

पहले स्थाई विकास, फिर अस्थाई कार्य

अधिशासी अभियंता दीपक कुमार के अनुसार, विभाग की रणनीति स्पष्ट है। पहले स्थाई प्रकृति के कार्यों (जैसे पुल और सड़कें) को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि इनका जीवनकाल लंबा रहे। इन कार्यों के पूर्ण होने के बाद मेले के ठीक पहले टेंट, शौचालय और अन्य अस्थाई निर्माण शुरू किए जाएंगे। इन सभी प्रोजेक्ट्स के पूरा होने पर हरिद्वार की रोजाना आवाजाही करने वाली 20 लाख की जनसंख्या को सीधा लाभ मिलेगा।

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