गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के दशोली ब्लॉक के खैनुरीगांव के अनाथ बच्चों के साथ रक्षाबंधन पर राखी बांधकर उनकी हौसला अफजाई की गई।
गौरतलब कि खैनुरी गांव की लवली और आरूषी पर दुखों का पहाड़ टूट गया था। पिता की मौत के बाद मां भी कहीं निकल गई और दोनों बच्चों को लावारिश हालात में छोड़ दिया गया। पिता की मौत के बाद मां का भी साथ न मिलने के कारण बच्चों की परवरिश खतरे में पड़ गई थी। जब इस आशय एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसका संज्ञान लिया। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने सीएम के निर्देश पर बच्चों मदद का बीड़ा उठाया। समाज कल्याण विभाग और तहसील प्रशासन की टीम ने खैनुरी गांव जाकर बच्चों को जरूरी चींजे पहुंचाई थी। जुलाई माह में यह मामला प्रकाश में आने पर बच्चों की मां ने जल्द से जल्द लौटने का भरोसा दिया था। इसके बावजूद मां अभी तक बच्चों के पास नहीं लौटी है। प्रशासन ने सीएम के निर्देश पर बच्चों की मां से संपर्क किया था तो बताया गया था कि वह हरिद्वार में है और जल्द लौट आएगी।
रक्षाबंधन के पर्व पर दशोली के पूर्व प्रमुख नंदन बिष्ट, एवीबीपी के अमित मिश्रा, पार्षद संजय कुमार, मनीष रावत खैनुरी गांव में लवली और आरूषी के पास पहुंचे। उन्होंने दोनों को राखियां बांधकर हर संभव सहयोग का भरोसा दिया। उनके राखी बांधने पर अनाथ बच्चों के चेहरे पर खुशियां लौट आई।

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