ज्योतिर्मठ। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन केंद्र औली में आगामी 12 फरवरी से प्रस्तावित नेशनल स्कीइंग चैंपियनशिप और विंटर कार्निवल की तैयारियां तो जोरों पर हैं, लेकिन इस बार पर्यटकों और देश दुनिया के खिलाड़ियों को एशिया के सबसे लंबे रोपवे के सफर की कमी खलेगी। जनवरी 2023 में जोशीमठ में आई भू-धंसाव की आपदा के बाद सुरक्षा कारणों से 5 जनवरी 2023 को बंद की गई इस रोपवे सेवा को तीन साल बीत जाने के बाद भी बहाल नहीं किया जा सका है।
वर्ष 1983 में शुरू होकर 1994 में बनकर तैयार हुई यह 4.15 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक रोपवे, इंजीनियरिंग का एक अनूठा नमूना है, जो ‘जिग-बैक’ सिस्टम के जरिए मात्र 15-20 मिनट में यात्रियों को ज्योतिर्मठ से औली के बर्फीले शिखर पर पहुंचा देती थी। जहाँ सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में करीब एक घंटा लगता है, वहीं इस रोपवे के 10 टावरों के बीच झूलते केबिनों से हिमालय का विहंगम दृश्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था। रोपवे के बंद होने से न केवल स्थानीय पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा है, बल्कि चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को भी आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
चमोली के जिला पर्यटन अधिकारी अरविंद गौड़ ने उम्मीद जताई है कि शासन स्तर पर वार्ता जारी है और फरवरी माह में तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में रोपवे की टेस्टिंग की जा सकती है।

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