ज्योतिर्मठ। भू-वैकुंठ भगवान बद्री विशाल के कपाट खुलने की तिथि नजदीक आते ही धाम में व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो गया है। आगामी 23 अप्रैल को होने वाले कपाट उद्घाटन से पूर्व, नगर पंचायत बद्रीनाथ की टीम ने धाम को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए एक वृहद विशेष सफाई अभियान चलाया।
मंदिर परिसर से लेकर झीलों तक स्वच्छता की मुहिम
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित के कुशल नेतृत्व में पर्यावरण मित्रों की एक समर्पित टीम ने मंगलवार को धाम के विभिन्न हिस्सों में सफाई की। इस अभियान के तहत मुख्य मंदिर परिसर के साथ-साथ अलकनंदा नदी के घाटों, बद्रीश झील और शेष नेत्र झील की गहन सफाई की गई। टीम ने झीलों और नदी किनारों से कूड़ा-करकट हटाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
50 पर्यावरण मित्रों की ‘एडवांस टीम’ तैनात
अधिशासी अधिकारी सुनील पुरोहित ने बताया कि कपाट खुलने के दौरान तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और धाम की पवित्रता बनी रहे, इसके लिए नगर पंचायत की 50 सदस्यीय एडवांस टीम पहले ही बद्रीनाथ पहुंच चुकी है। यह टीम लगातार धाम की गलियों और सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाए रखने में जुटी हुई है।
श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार बद्री विशाल की नगरी
बद्रीनाथ धाम में वर्तमान में बर्फबारी और ठंड के बावजूद पर्यावरण मित्र पूरी निष्ठा के साथ सफाई कार्य में लगे हैं। नगर पंचायत का मुख्य उद्देश्य धाम आने वाले श्रद्धालुओं को एक स्वच्छ और दिव्य वातावरण प्रदान करना है। अधिकारियों के अनुसार, कपाट खुलने तक यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि पूरी बद्रीश पुरी भव्य और स्वच्छ नजर आए।

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