कोटद्वार। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा अनुसंधान केंद्र देहरादून और इंस्टीट़्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट आईटीएम की ओर से आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को गैर तकनीकी शिक्षा में डिजिटल का महत्व की जानकारी दी । राजकीय इंटर कालेज कण्वघाटी में आयोजित कार्यशाला का विद्यालय के प्रधानाचार्य रमाकांत कुकरेती ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। ब्रिजिंग द डिजिटल डिवाइन इन नॉन टैक्नोलॉजी एजूकेशन के तहत स्टूडेंट सौंट्रिक इनीसेटिव विषय पर आयोजित कार्यशाला में आईटीएम के प्रोफेसर प्रवीन त्रिपाठी ने कक्षा नौ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को कार्यशाला के उद्देशों की जानकारी दी। इस अवसर पर बतौर मुख्य वक्ता उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर सुशील चमोली ने छात्रों को वर्तमान में उपयोग होने वाले ऑनलाइन एैप की जानकारी दी। इंस्टीट्यूट ऑफ हास्पीटेलिटी मैनेजमेंट एंड साइंसेज के मैनेजमेंट विभागाध्यक्ष डॉ अश्वनि शर्मा ने डिजिटल डिवाइस के माध्यम से आईसीटी के गुर सिखाए। प्रोफेसर प्रवीन त्रिपाठी ने दैनिक गतिविधियों को एक सूत्र में बांधकर छात्रों को तकनीकी का प्रयोग करने के गुर सिखाए।

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