गोपेश्वर (चमोली)। चतुर्थ केदार के रूप में विख्यात रूद्रनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को शीतकाल के लिए बंद होंगे। उच्च हिमालय में स्थित भगवान रूद्रनाथ मंदिर के कपाट शुक्रवार को ब्रह्म मुहूर्त में शीतकाल के लिए धार्मिक रीति रिवाजों के बीच बंद कर दिए जाएंगे। मुख्य पुजारी सुशील प्रसाद तिवारी ने बताया कि कार्तिक संक्रांति के पर्व पर शुक्रवार को हिमालयी पुष्प गुच्छ तथा मंदार पुष्पों के साथ भगवान के कपाट बंद करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी। बताया कि ब्रहम मुहूर्त में दूध, दही से स्नान कर कपाट बंद करने की प्रक्रिया संपादित होगी और इसके साथ ही कपाट बंद कर दिए जाएंगे। बताया कि रूद्रनाथ की डोली प्रातः ही रूद्रनाथ से प्रस्थान कर मोली खर्क पहुंचेगी। यहां पर राजभोग लगाया जाएगा। इसके बाद देवडोली सगर पहुंचेगी। सगर में अर्घ लगेगा और सूर्यास्त से पूर्व ही भगवान रूद्रनाथ की देवडोली गोपीनाथ मंदिर पहुंच जाएगी। बताया कि अब छह माह प्रवास रूद्रनाथ भगवान का गोपीनाथ मंदिर गोपेश्वर में ही होगा।

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