कोटद्वार : कभी-कभी बच्चों का मासूम गुस्सा उन्हें ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर देता है, जिसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं। 30 मई को कोटद्वार क्षेत्र के किशनपुरी-कलालघाटी में तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में भटकते हुए पाए गए। सूचना मिलने पर कोटद्वार पुलिस टीम ने तत्काल मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तीनों बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू कर चौकी कलालघाटी लाया तथा उनसे बातचीत की।
बातचीत के दौरान बच्चों ने बताया कि वे डोईवाला (देहरादून) के निवासी हैं तथा घर में माता-पिता की डांट से नाराज होकर गुस्से में घर छोड़कर कोटद्वार आ गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए बच्चों के परिजनों की तलाश शुरू की। बच्चों की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रसारित की गई तथा डोईवाला पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया गया।
पुलिस के निरंतर प्रयासों से शीघ्र ही बच्चों के परिजनों से संपर्क स्थापित हो गया। जब परिजन चौकी कलालघाटी पहुंचे जिसके उपरांत तीनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया।

More Stories
उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी बैंक की खुलेंगी 34 नई शाखाएं, सहकारी बैंकों के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में मिलेंगी बैंकिंग सेवाएं – धन सिंह
फिजियोथेरेपिस्टों की रिक्तियों पर राज्यसभा सांसद नरेश बंसल से मिला प्रतिनिधिमंडल, शीघ्र भर्ती की उठाई मांग
मतदाता सूची की शुद्धता सर्वाेच्च प्राथमिकता, फील्ड विजिट कर दूर करें समस्याएं – अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी