6 May 2026

उत्तराखंड : SSP ने किए 10 इंस्पेक्टर और 29 उपनिरीक्षकों के तबादले

रुद्रपुर। उधम सिंह नगर जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति ने व्यापक स्तर पर तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार 10 निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) और 29 उपनिरीक्षकों (दारोगा) को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आदेश के तहत इंस्पेक्टर राजेश पाण्डेय को प्रभारी एएनटीएफ से हटाकर कोतवाली जसपुर का प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। वहीं राजेन्द्र सिंह डांगी को जसपुर से डीसीआरबी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। भूपेन्द्र बुजवाल को डीसीआरबी से गदरपुर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है।

इसी क्रम में संजय पाठक को गदरपुर से नानकमत्ता कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है। धीरेन्द्र कुमार को पीआरओ पद से हटाकर कुंडा कोतवाली भेजा गया है, जबकि विक्रम सिंह राठौर को कुंडा से आईटीआई कोतवाली स्थानांतरित किया गया है। रवि सैनी को आईटीआई से किच्छा और प्रकाश दानू को किच्छा से रुद्रपुर कोतवाली की जिम्मेदारी दी गई है। मनोज रतूड़ी को रुद्रपुर से एएनटीएफ तथा मंजू पाण्डेय को नानकमत्ता से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट में तैनात किया गया है।

inspector trasfer us nagar

उपनिरीक्षकों के स्तर पर भी बड़े पैमाने पर फेरबदल किया गया है। हेमंत कठैत को सिडकुल चौकी प्रभारी बनाया गया है, जबकि मनोज देव, पंकज कुमार समेत कई अधिकारियों को नई चौकियों और थानों में तैनाती दी गई है। देवेंद्र सिंह मेहता को बांसफोड़ान से हटाकर अन्य चौकी में भेजा गया है। मेधा शर्मा, राकेश राय और जगदीश तिवारी को विभिन्न चौकियों का प्रभारी बनाया गया है।

sub inspector trasfer us nagar

इसके अलावा कई उपनिरीक्षकों को पुलिस लाइन से फील्ड में भेजा गया है, जिससे जमीनी स्तर पर पुलिसिंग को और सुदृढ़ किया जा सके। महिला उपनिरीक्षक मीना रावत को भी नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूनम रावत को केलाखेड़ा से ट्रांजिट कैंप कोतवाली स्थानांतरित किया गया है। वहीं सुनील सिंह बिष्ट, खुशवंत सिंह और बसंत लाल टम्टा सहित अन्य अधिकारियों को काशीपुर, सितारगंज और अन्य क्षेत्रों में तैनात किया गया है।

एसएसपी अजय गणपति ने बताया कि यह फेरबदल प्रशासनिक जरूरतों और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए किया गया है। सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल नई तैनाती पर कार्यभार ग्रहण करें। पुलिस महकमे में इस व्यापक तबादले को कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।