उत्तरकाशी : धराली गांव में आई आपदा के बाद हालात अब भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं। गांव के पास हर साल आयोजित होने वाले पारंपरिक हारदूध मेले में शामिल होने गए दर्जनों लोगों का अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। मुखबा और भटवाड़ी गांव के स्थानीय निवासियों का कहना है कि मेले में उनके कई परिजन और परिचित गए थे, लेकिन आपदा के बाद से इनसे संपर्क नहीं हो पा रहा।
आपदा के दूसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी रहा, जिसमें दो और शव बरामद किए गए। इसके साथ ही मृतकों की कुल संख्या छह हो चुकी है, जबकि कई लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मौसम में सुधार के बाद बचाव कार्य में तेजी आई है, जिससे लापता लोगों के बारे में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोग बता रहे हैं कि आपदा के कारण धराली गांव में बिजली और मोबाइल नेटवर्क पूरी तरह ठप है। जिससे न सिर्फ राहत कार्यों में बाधा आ रही है, बल्कि गांव के लोगों से संपर्क करना भी संभव नहीं हो पा रहा है।
मुखबा गांव के सुनील सेमवाल ने बताया कि धराली में तबाही के बाद से पूरा क्षेत्र एक तरह से कट चुका है। हर्षिल की ओर जाने वाले रास्ते भी दोनों ओर से बाधित हैं। वहीं, भटवाड़ी के प्रमोद नौटिया ने बताया कि नेताला के पास सड़क बंद होने के कारण प्रशासन की टीम को भी वापस लौटना पड़ा।
इस बीच, स्थानीय प्रशासन के साथ SDRF की टीमें भी मौके पर पहुंचने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन गंगोत्री हाईवे के 100 मीटर से अधिक हिस्से के धंसने से हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। ग्रामीणों की अपील है कि बचाव कार्य में तेजी लाई जाए और मोबाइल नेटवर्क की बहाली के लिए विशेष प्रयास हों, ताकि गांवों के भीतर फंसे लोगों की स्थिति की जानकारी मिल सके।

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