जोशीमठ: चारधाम यात्रा के तहत मंगलवार को नृसिंह मंदिर परिसर से विशेष पूजा-अर्चना के बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा तेल कलश को बदरीनाथ धाम के लिए विधिवत रवाना किया गया।
इस दौरान मंदिर परिसर में भक्ति का विशेष माहौल देखने को मिला। भगवान बदरी विशाल के भजनों, महिलाओं के मंगल गीतों और सेना के बैंड की मधुर धुनों ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
जानकारी के अनुसार, यात्रा का रात्रि विश्राम योग ध्यान बदरी में किया जाएगा। इसके बाद अगले दिन भगवान कुबेर और उद्धव की डोली, आदि गुरु आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी तथा गाडू घड़ा तेल कलश के साथ बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान किया जाएगा। इस धार्मिक यात्रा में बदरीनाथ धाम के रावल भी शामिल रहे और परंपरागत विधि-विधान के साथ यात्रा आगे बढ़ रही है।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, 23 अप्रैल को शुभ मुहूर्त में बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा का प्रमुख चरण शुरू हो जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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