23 April 2026

ईटीपी निर्माण न होने वाले होटलों पर होगी सख्त कार्रवाई – डीएम गौरव कुमार

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने गंगा संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक में जिले में 20 कमरों से अधिक वाले होलटों में ईटीपी निर्माण न होने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

डीएम गौरव कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को गंगा संरक्षण समिति की बैठक में गंगा और उसकी सहायक नदियों में स्वच्छता को बनाए रखने को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। डीएम ने नगर निकायों और जिला पंचायत के अधिकारियों को नदियों के संरक्षण के लिए तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसटीपी का संचालन सुचारु रुप से करने और रख-रखाव को लेकर नियमित कार्य करने की बात कही। उन्होंने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को डोर-टू-डोर कलेक्शन की व्यवस्था को बेहतर करने के निर्देश दिए।

डीएम ने जनपद में 20 कमरों से अधिक वाले होटलों में ईटीपी का निर्माण न किए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश नमामि गंगे और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को आदेश दिए। प्लास्टिक की थैलियों के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के लिए नगर पालिका और पंचायत के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने को कहा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना के कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने नगर पालिका के अधिशासी अधिकारियों को वन विभाग से संबंधित मामलों में समन्वय बनाकर जल्द निर्माण कार्य शुरू करने को कहा। उन्होंने औद्योगिक अस्थान कालेश्वर में उद्योग संचालकों से बातचीत कर यहां बनी ईटीपी का संचालन शुरू करने पर भी जोर दिया।

परियोजना अधिकारी नमामि गंगे गोविंद बुटोला ने बताया कि नदियों के स्वच्छता को बनाए रखने के लिए जनपद में 17 एसटीपी का निर्माण किया गया है। इनसे जनपद में 28 नालों को टेप कर पानी का शुद्धीकरण कर निस्तारित किया जा रहा है। जनपद की सभी नगर पालिकाओं और पंचायतों में नियमित सफाई व्यवस्था के साथ ही डोर-टू-डोर कलेक्शन करवाया जा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत जनपद के 11 नगर निकायों की ओर से प्लास्टिक कचरे को कॉपेक्ट कर बिक्री कर अप्रैल माह से वर्तमान तक 25 लाख 17 हजार 326 रुपए की आय अर्जित की जा चुकी है। अप्रैल माह से वर्तमान कि प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 313 चालान किए गए हैं जबकि एंटी लिटरिंग एंड एंडी स्पिटिंग एक्ट के तहत 571 चालान किए गए हैं

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डा. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह भाकुनी, मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अभिषेक गुप्ता, पेयजल निगम के एसई मोहम्मद वसीम अहमद, अधिशासी अभियंता मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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